रोमियों 5:18 - किताब-ए मुक़द्दस18 चुनाँचे जिस तरह एक ही शख़्स के गुनाह के बाइस सब लोग मुजरिम ठहरे उसी तरह एक ही शख़्स के रास्त अमल से वह दरवाज़ा खुल गया जिसमें दाख़िल होकर सब लोग रास्तबाज़ ठहर सकते और ज़िंदगी पा सकते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 ग़रज़ जैसा एक गुनाह की वजह से वो फ़ैसला हुआ जिसका नतीजा सब आदमियों की सज़ा का हुक्म था; वैसे ही रास्तबाज़ी के एक काम के वसीले से सब आदमियों को वो ने'मत मिली जिससे रास्तबाज़ ठहराकर ज़िन्दगी पाएँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा18 चुनांचे जिस तरह एक आदमी के क़ुसूर के सबब से सब आदमियों के लिये मौत की सज़ा का हुक्म हुआ उसी तरह एक ही की रास्तबाज़ी के काम के वसीले से सब आदमियों को वह नेमत मिली जिस से वह रास्तबाज़ ठहराये जाते हैं ताके ज़िन्दगी पायें। Viz kapitola |