रोमियों 5:13 - किताब-ए मुक़द्दस13 शरीअत के इनकिशाफ़ से पहले गुनाह तो दुनिया में था, लेकिन जहाँ शरीअत नहीं होती वहाँ गुनाह का हिसाब नहीं किया जाता। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 क्यूँकि शरी'अत के दिए जाने तक दुनिया में गुनाह तो था मगर जहाँ शरी'अत नहीं वहाँ गुनाह शूमार नहीं होता। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा13 शरीअत के दिये जाने से पहले दुनिया में गुनाह तो था लेकिन जहां शरीअत नहीं होती वहां गुनाह का हिसाब भी नहीं होता। Viz kapitola |