रोमियों 5:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 हम अभी अल्लाह के दुश्मन ही थे जब उसके फ़रज़ंद की मौत के वसीले से हमारी उसके साथ सुलह हो गई। तो फिर यह बात कितनी यक़ीनी है कि हम उस की ज़िंदगी के वसीले से नजात भी पाएँगे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 क्यूँकि जब बावजूद दुश्मन होने के ख़ुदा से उसके बेटे की मौत के वसीले से हमारा मेल हो गया तो मेल होने के बाद तो हम उसकी ज़िन्दगी की वजह से ज़रूर ही बचेंगे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा10 क्यूंके जब ख़ुदा के दुश्मन होने के बावुजूद उस के बेटे की मौत के वसीले से हमारी उस से सुलह हो गई तो सुलह होने के बाद तो हम उस की ज़िन्दगी के सबब से ज़रूर ही बचेंगे। Viz kapitola |