रोमियों 3:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 कुछ लोग हम पर यह कुफ़र भी बकते हैं कि हम कहते हैं, “आओ, हम बुराई करें ताकि भलाई निकले।” इनसाफ़ का तक़ाज़ा है कि ऐसे लोगों को मुजरिम ठहराया जाए। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 और “हम क्यूँ बुराई न करें ताकि भलाई पैदा हो” चुनाँचे हम पर ये तोहमत भी लगाई जाती है और कुछ कहते हैं इनकी यही कहावत है मगर ऐसों का मुजरिम ठहरना इन्साफ़ है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा8 क्यूं न ये कहें। “आओ हम बदी करें ताके भलाई पैदा हो?” इन्साफ़ का तक़ाज़ा तो ये है! Viz kapitola |