रोमियों 3:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 हरगिज़ नहीं! अगर अल्लाह रास्त न होता तो फिर वह दुनिया की अदालत किस तरह कर सकता? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 हरगिज़ नहीं वर्ना ख़ुदा क्यूँकर दुनिया का इन्साफ़ करेगा। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 हरगिज़ नहीं। इस सूरत में ख़ुदा दुनिया का इन्साफ़ कैसे करेगा? Viz kapitola |