रोमियों 3:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 अफ़सोस, सब सहीह राह से भटक गए, सबके सब बिगड़ गए हैं। कोई नहीं जो भलाई करता हो, एक भी नहीं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 सब गुमराह हैं सब के सब निकम्मे बन गए; कोई भलाई करनेवाला नहीं एक भी नहीं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा12 सब के सब ख़ुदा से गुमराह हो गये, वह किसी काम के नहीं रहे; उन में कोई भी इन्सान नहीं जो नेकी करता हो, एक भी नहीं।” Viz kapitola |