रोमियों 2:13 - किताब-ए मुक़द्दस13 क्योंकि अल्लाह के नज़दीक यह काफ़ी नहीं कि हम शरीअत की बातें सुनें बल्कि वह हमें उस वक़्त ही रास्तबाज़ क़रार देता है जब शरीअत पर अमल भी करते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 क्यूँकि शरी'अत के सुननेवाले ख़ुदा के नज़दीक रास्तबाज़ नहीं होते बल्कि शरी'अत पर अमल करनेवाले रास्तबाज़ ठहराए जाएँगे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा13 क्यूंके शरीअत के महज़ सुनने वाले ख़ुदा की नज़्र में रास्तबाज़ नहीं होते बल्के शरीअत पर अमल करने वाले ही रास्तबाज़ क़रार दिये जायेंगे। Viz kapitola |