रोमियों 14:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 जो एक दिन को ख़ास क़रार देता है वह इससे ख़ुदावंद की ताज़ीम करना चाहता है। इसी तरह जो सब कुछ खाता है वह इससे ख़ुदावंद को जलाल देना चाहता है। यह इससे ज़ाहिर होता है कि वह इसके लिए ख़ुदा का शुक्र करता है। लेकिन जो कुछ खानों से परहेज़ करता है वह भी ख़ुदा का शुक्र करके इससे उस की ताज़ीम करना चाहता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 जो किसी दिन को मानता है वो ख़ुदावन्द के लिए मानता है और जो खाता है वो ख़ुदावन्द के वास्ते खाता है क्यूँकि वो ख़ुदा का शुक्र करता है और जो नहीं खाता वो भी ख़ुदावन्द के वास्ते नहीं खाता, और ख़ुदावन्द का शुक्र करता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 जो किसी दिन को ख़ास समझ कर मानता है वह ख़ुदावन्द की ख़ातिर मानता है। जो किसी चीज़ को खाता है वह भी ख़ुदावन्द की ख़ातिर खाता है इसलिये के ख़ुदा का शुक्र बजा लाता है और जो उस से परहेज़ करता है वह भी ख़ुदावन्द की ख़ातिर परहेज़ करता है क्यूंके वह भी ख़ुदा का शुक्र बजा लाता है। Viz kapitola |