रोमियों 14:22 - किताब-ए मुक़द्दस22 जो भी ईमान आप इस नाते से रखते हैं वह आप और अल्लाह तक महदूद रहे। मुबारक है वह जो किसी चीज़ को जायज़ क़रार देकर अपने आपको मुजरिम नहीं ठहराता। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201922 जो तेरा ऐ'तिक़ाद है वो ख़ुदा की नज़र में तेरे ही दिल में रहे, मुबारिक़ वो है जो उस चीज़ की वजह से जिसे वो जायज़ रखता है अपने आप को मुल्ज़िम नहीं ठहराता। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा22 चुनांचे इन बातों के मुतअल्लिक़ जो भी तुम्हारा एतक़ाद है उसे अपने और ख़ुदा के दरमियान ही रहने दे। वह शख़्स मुबारक है जो उस चीज़ के सबब से जिसे वह जाइज़ समझता है अपने आप को मुल्ज़िम नहीं ठहराता। Viz kapitola |