रोमियों 13:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 जो किसी से मुहब्बत रखता है वह उससे ग़लत सुलूक नहीं करता। यों मुहब्बत शरीअत के तमाम तक़ाज़े पूरे करती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 मुहब्बत अपने पड़ोसी से बदी नहीं करती इस वास्ते मुहब्बत शरी'अत की ता'मील है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा10 महब्बत अपने पड़ोसी से बदी नहीं करती इसलिये महब्बत शरीअत की तामील है। Viz kapitola |