रोमियों 12:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 हमारे एक ही जिस्म में बहुत-से आज़ा हैं, और हर एक अज़ु का फ़रक़ फ़रक़ काम होता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 क्यूँकि जिस तरह हमारे एक बदन में बहुत से आ'ज़ा होते हैं और तमाम आ'ज़ा का काम एक जैसा नहीं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 जिस तरह हमारे एक बदन में बहुत से आज़ा हैं और उन तमाम आज़ा का काम यकसां नहीं। Viz kapitola |