रोमियों 12:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 उस रहम की बिना पर जो अल्लाह ने मुझ पर किया मैं आपमें से हर एक को हिदायत देता हूँ कि अपनी हक़ीक़ी हैसियत को जानकर अपने आपको इससे ज़्यादा न समझें। क्योंकि जिस पैमाने से अल्लाह ने हर एक को ईमान बख़्शा है उसी के मुताबिक़ वह समझदारी से अपनी हक़ीक़ी हैसियत को जान ले। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 मैं उस तौफ़ीक़ की वजह से जो मुझ को मिली है तुम में से हर एक से कहता हूँ, कि जैसा समझना चाहिए उससे ज़्यादा कोई अपने आपको न समझे बल्कि जैसा ख़ुदा ने हर एक को अन्दाज़े के मुवाफ़िक़ ईमान तक़्सीम किया है ऐ'तिदाल के साथ अपने आप को वैसा ही समझे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 मैं उस फ़ज़ल की बन पर जो मुझ पर हुआ है तुम में से हर एक से कहता हूं के जैसा समझना मुनासिब है कोई अपने आप को उस से ज़्यादा न समझे बल्के जैसा ख़ुदा ने हर एक को अन्दाज़े से ईमान तक़्सीम किया है एतदाल के साथ अपने आप को वैसा ही समझे। Viz kapitola |