रोमियों 11:33 - किताब-ए मुक़द्दस33 वाह! अल्लाह की दौलत, हिकमत और इल्म क्या ही गहरा है। कौन उसके फ़ैसलों की तह तक पहुँच सकता है! कौन उस की राहों का खोज लगा सकता है! Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201933 वाह! ख़ुदा की दौलत और हिक्मत और इल्म क्या ही अज़ीम है उसके फ़ैसले किस क़दर पहुँच से बाहर हैं और उसकी राहें क्या ही बे'निशान हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा33 वाह! ख़ुदा की नेमत, ख़ुदा की हिक्मत और उस का इल्म बेहद गहरा है! उस के फ़ैसले समझ से किस क़दर बाहर हैं, और उस की राहें बेनिशान हैं! Viz kapitola |