रोमियों 10:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 क्योंकि मसीह में शरीअत का मक़सद पूरा हो गया, हाँ वह अंजाम तक पहुँच गई है। चुनाँचे जो भी मसीह पर ईमान रखता है वही रास्तबाज़ ठहरता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 क्यूँकि हर एक ईमान लानेवाले की रास्तबाज़ी के लिए मसीह शरी'अत का अंजाम है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 अलमसीह ही शरीअत की तक्मील हैं क्यूंके वह हर ईमान लाने वाले को रास्तबाज़ी अता करते हैं। Viz kapitola |