रोमियों 1:20 - किताब-ए मुक़द्दस20 क्योंकि दुनिया की तख़लीक़ से लेकर आज तक इनसान अल्लाह की अनदेखी फ़ितरत यानी उस की अज़ली क़ुदरत और उलूहियत मख़लूक़ात का मुशाहदा करने से पहचान सकता है। इसलिए उनके पास कोई उज़्र नहीं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201920 क्यूँकि उसकी अनदेखी सिफ़तें या'नी उसकी अज़ली क़ुदरत और ख़ुदाइयत दुनिया की पैदाइश के वक़्त से बनाई हुई चीज़ों के ज़रिए मा'लूम हो कर साफ़ नज़र आती हैं यहाँ तक कि उन को कुछ बहाना बाक़ी नहीं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा20 क्यूंके ख़ुदा की अज़ली क़ुदरत और उलूहीयत जो उस की इन देखी सिफ़ात हैं दुनिया की के वक़्त से उस की बनाई हुई चीज़ों से अच्छी तरह ज़ाहिर हैं। लिहाज़ा इन्सान के पास कोई उज़्र नहीं। Viz kapitola |