मुकाशफ़ा 9:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 टिड्डियों को इन लोगों को मार डालने का इख़्तियार न दिया गया बल्कि उन्हें बताया गया कि वह पाँच महीनों तक इनको अज़ियत दें। और यह अज़ियत उस तकलीफ़ की मानिंद है जो तब पैदा होती है जब बिच्छू किसी को डंक मारता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और उन्हें जान से मारने का नहीं, बल्कि पाँच महीने तक लोगों को तकलीफ़ देने का इख़्तियार दिया गया; और उनकी तकलीफ़ ऐसी थी जैसे बिच्छू के डंक मारने से आदमी को होती है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 उन्हें किसी को मार डालने का नहीं लेकिन सिर्फ़ पांच माह तक लोगों को अज़ीय्यत देने का इख़्तियार दिया गया। ये ऐसी अज़ीय्यत थी जो इन्सान को बिच्छू के डंक मारने से होती है। Viz kapitola |