मुकाशफ़ा 7:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 “ज़मीन, समुंदर या दरख़्तों को उस वक़्त तक नुक़सान मत पहुँचाना जब तक हम अपने ख़ुदा के ख़ादिमों के माथों पर मुहर न लगा लें।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 “जब तक हम अपने ख़ुदा के बन्दों के माथे पर मुहर न कर लें, ज़मीन और समुन्दर और दरख़्तों को तकलीफ़ न पहुँचाना।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 “जब तक हम अपने ख़ुदा के बन्दों की पेशानियों पर मुहर न लगा लें, तब तक ज़मीन और समुन्दर और दरख़्तों को नुक़्सान न पहुंचाना।” Viz kapitola |