मुकाशफ़ा 4:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 तब रूहुल-क़ुद्स ने मुझे फ़ौरन अपनी गिरिफ़्त में ले लिया। वहाँ आसमान पर एक तख़्त था जिस पर कोई बैठा था। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 फ़ौरन मैं रूह में आ गया; और क्या देखता हूँ कि आसमान पर एक तख़्त रख्खा है, और उस तख़्त पर कोई बैठा है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा2 तब मैं फ़ौरन पाक रूह की गिरिफ़्त में आ गया और क्या देखता हूं के आसमान में एक तख़्त-ए-इलाही मौजूद है और उस पर कोई बैठा हुआ है। Viz kapitola |