मुकाशफ़ा 4:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 तो 24 बुज़ुर्ग तख़्त पर बैठनेवाले के सामने मुँह के बल होकर उसे सिजदा करते हैं जो अज़ल से अबद तक ज़िंदा है। साथ साथ वह अपने सोने के ताज तख़्त के सामने रखकर कहते हैं, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 तो वो चौबीस बुज़ुर्ग उसके सामने जो तख़्त पर बैठा है गिर पड़ेंगे और उसको सिज्दा करेंगे, जो हमेशा हमेशा ज़िन्दा रहेगा और अपने ताज ये कहते हुए उस तख़्त के सामने डाल देंगे, Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा10 तो वो चौबीस बुज़ुर्ग हुक्मरां ख़ुदा के सामने जो तख़्त-नशीन है, मुंह के बल सज्दे में गिर पड़ते हैं जो अबद तक ज़िन्दा रहेगा। वो अपने ताज ये कहते हुए उस तख़्त-ए-इलाही के सामने डाल देते हैं, Viz kapitola |