मुकाशफ़ा 19:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 फिर फ़रिश्ते ने मुझसे कहा, “लिख, मुबारक हैं वह जिन्हें लेले की शादी की ज़ियाफ़त के लिए दावत मिल गई है।” उसने मज़ीद कहा, “यह अल्लाह के सच्चे अलफ़ाज़ हैं।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 और उसने मुझ से कहा, “लिख, मुबारिक़ हैं वो जो बर्रे की शादी की दावत में बुलाए गए हैं।” फिर उसने मुझ से कहा, “ये ख़ुदा की सच्ची बातें हैं।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा9 फिर फ़रिश्ता ने मुझ से कहा, “लिख, मुबारक हैं वो जो बर्रे की शादी की ज़ियाफ़त में बुलाए गये हैं।” और उस ने मज़ीद कहा, “ये ख़ुदा की हक़ीक़ी बातें हैं।” Viz kapitola |