मुकाशफ़ा 19:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 क्योंकि उस की अदालतें सच्ची और रास्त हैं। उसने उस बड़ी कसबी को मुजरिम ठहराया है जिसने ज़मीन को अपनी ज़िनाकारी से बिगाड़ दिया। उसने उससे अपने ख़ादिमों की क़त्लो-ग़ारत का बदला ले लिया है।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 क्यूँकि उसके फ़ैसले सहीह और दरुस्त हैं, इसलिए कि उसने उस बड़ी कस्बी का इन्साफ़ किया जिसने अपनी हरामकारी से दुनियाँ को ख़राब किया था, और उससे अपने बन्दों के ख़ून का बदला लिया।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा2 क्यूंके ख़ुदा के फ़ैसले बरहक़ और दुरुस्त हैं। इसलिये के ख़ुदा ने उस बड़ी कस्बी को मुजरिम ठहराया है जिस ने अपनी ज़िनाकारी से दुनिया को ख़राब कर दिया था। और ख़ुदा ने उस से अपने बन्दों के ख़ून का बदला ले लिया है।” Viz kapitola |