मुकाशफ़ा 18:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 वह उस की अज़ियत को देखकर ख़ौफ़ खाएँगे और दूर दूर खड़े होकर कहेंगे, “अफ़सोस! तुझ पर अफ़सोस, ऐ अज़ीम और ताक़तवर शहर बाबल! एक ही घंटे के अंदर अंदर अल्लाह की अदालत तुझ पर आ गई है।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 और उसके 'अज़ाब के डर से दूर खड़े हुए कहेंगे, 'ऐ बड़े शहर! अफ़सोस! अफ़सोस! घड़ी ही भर में तुझे सज़ा मिल गई।'” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा10 और उस के अज़ाब से दहशत-ज़दा होकर दूर जा खड़े होंगे और कहेंगे, “ ‘अफ़सोस, अफ़सोस, ऐ अज़ीम शहर, ऐ बाबुल, ऐ शहर-ए-क़ुव्वत! घड़ी-भर में ही तुझे सज़ा मिल गई!’ Viz kapitola |