मुकाशफ़ा 16:14 - किताब-ए मुक़द्दस14 यह मेंढक शयातीन की रूहें हैं जो मोजिज़े दिखाती हैं और निकलकर पूरी दुनिया के बादशाहों के पास जाती हैं ताकि उन्हें अल्लाह क़ादिरे-मुतलक़ के अज़ीम दिन पर जंग के लिए इकट्ठा करें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201914 ये शयातीन की निशान दिखानेवाली रूहें हैं, जो क़ादिर — ए — मुतल्लिक़ ख़ुदा के रोज़ — ए — 'अज़ीम की लड़ाई के वास्ते जमा करने के लिए, सारी दुनियाँ के बादशाहों के पास निकल कर जाती हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा14 ये शयातीन की रूहें हैं जो मोजिज़े दिखाती हैं, और निकल कर पूरी दुनिया के बादशाहों के पास जाती हैं ताके उन्हें उस जंग के लिये जमा करें जो क़ादिर-ए-मुतलक़ ख़ुदा के रोज़ हश्र के आने पर होगी। Viz kapitola |