मुकाशफ़ा 14:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 एक दूसरे फ़रिश्ते ने पहले के पीछे पीछे चलते हुए कहा, “वह गिर गया है! हाँ, अज़ीम बाबल गिर गया है, जिसने तमाम क़ौमों को अपनी हरामकारी और मस्ती की मै पिलाई है।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 फिर इसके बाद एक और दूसरा फ़रिश्ता ये कहता आया, “गिर पड़ा, वह बड़ा शहर बाबुल गिर पड़ा, जिसने अपनी हरामकारी की ग़ज़बनाक मय तमाम क़ौमों को पिलाई है।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा8 उस के बाद एक दूसरा फ़रिश्ता आया और वह बुलन्द आवाज़ से ऐलान किया, “ ‘गिर पड़ा वो अज़ीम शहर बाबुल गिर पड़ा,’ जिस ने अपनी ज़िनाकारी के क़हर की मय सब क़ौमों को पिलाई है।” Viz kapitola |