मुकाशफ़ा 14:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 फिर मैंने एक और फ़रिश्ता देखा। वह मेरे सर के ऊपर ही हवा में उड़ रहा था। उसके पास अल्लाह की अबदी ख़ुशख़बरी थी ताकि वह उसे ज़मीन के बाशिंदों यानी हर क़ौम, क़बीले, अहले-ज़बान और उम्मत को सुनाए। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 फिर मैंने एक और फ़रिश्ते को आसमान के बीच में उड़ते हुए देखा, जिसके पास ज़मीन के रहनेवालों की हर क़ौम और क़बीले और अहल — ए — ज़बान और उम्मत के सुनाने के लिए हमेशा की ख़ुशख़बरी थी। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 फिर मैंने एक और फ़रिश्ते को फ़िज़ा में उड़ते हुए देखा। इस के पास एक अब्दी ख़ुशख़बरी थी ताके वो उसे रोय ज़मीन के बाशिन्दों यानी हर क़ौम, हर क़बीले, हर अहल-ए-ज़बान और हर उम्मत को सुनाये। Viz kapitola |