मुकाशफ़ा 14:20 - किताब-ए मुक़द्दस20 यह हौज़ शहर से बाहर वाक़े था। उसमें पड़े अंगूरों को इतना रौंदा गया कि हौज़ में से ख़ून बह निकला। ख़ून का यह सैलाब 300 किलोमीटर दूर तक पहुँच गया और वह इतना ज़्यादा था कि घोड़ों की लगामों तक पहुँच गया। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201920 और शहर के बाहर उस हौज़ में अंगूर रौंदे गए, और हौज़ में से इतना ख़ून निकला कि घोड़ों की लगामों तक पहुँच गया, और 300 सौ क़िलो मीटर तक वह निकाला। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा20 तब उन्हें शहर से बाहर उस बड़े अंगूरी बाग़ के हौज़ में रौंदा गया और हौज़ में से इस क़दर ख़ून बह निकला के उस की लम्बाई तक़रीबन तीन सौ किलोमीटर तक और ऊंचाई घोड़ों की लगामों तक जा पहुंची थी। Viz kapitola |