मुकाशफ़ा 10:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 फिर उस फ़रिश्ते ने जिसे मैंने समुंदर और ज़मीन पर खड़ा देखा अपने दहने हाथ को आसमान की तरफ़ उठाकर Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और जिस फ़रिश्ते को मैंने समुन्दर और ख़ुश्की पर खड़े देखा था उसने अपना दहना हाथ आसमान की तरफ़ उठाया Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 तब जिस फ़रिश्ता को मैंने समुन्दर और ज़मीन पर खड़े देखा था, उस ने अपना दायां हाथ आसमान की तरफ़ उठाया। Viz kapitola |