मुकाशफ़ा 1:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 और जिसने हमें शाही इख़्तियार देकर अपने ख़ुदा और बाप के इमाम बना दिया है। उसे अज़ल से अबद तक जलाल और क़ुदरत हासिल रहे! आमीन। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 और हम को एक बादशाही भी दी और अपने ख़ुदा और बाप के लिए काहिन भी बना दिया। उसका जलाल और बादशाही हमेशा से हमेशा तक रहे। आमीन। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 और हमें अपनी उम्मत और काहिन भी बना दिया ताके हम ख़ुदा और बाप की ख़िदमत करें। उस का जलाल और क़ुदरत अब्दुल-आबाद होती रहे। आमीन! Viz kapitola |