मुकाशफ़ा 1:15 - किताब-ए मुक़द्दस15 उसके पाँव भट्टे में दमकते पीतल की मानिंद थे और उस की आवाज़ आबशार के शोर जैसी थी। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 और उसके पाँव उस ख़ालिस पीतल के से थे जो भट्टी में तपाया गया हो, और उसकी आवाज़ ज़ोर के पानी की सी थी। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा15 और उस के पांव भट्टी में तपाए हुए ख़ालिस पीतल की मानिन्द थे और उस की आवाज़ ज़ोर से बहते हुए आबशार की मानिन्द थी। Viz kapitola |