ज़बूर 5:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 लेकिन मुझ पर तूने बड़ी मेहरबानी की है, इसलिए मैं तेरे घर में दाख़िल हो सकता, मैं तेरा ख़ौफ़ मानकर तेरी मुक़द्दस सुकूनतगाह के सामने सिजदा करता हूँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 लेकिन मैं तेरी शफ़क़त की कसरत से तेरे घर में आऊँगा। मैं तेरा रौ'ब मानकर तेरी पाक हैकल की तरफ़ रुख़ करके सिज्दा करूँगा। Viz kapitola |