ज़बूर 17:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 जो कुछ भी दूसरे करते हैं मैंने ख़ुद तेरे मुँह के फ़रमान के ताबे रहकर अपने आपको ज़ालिमों की राहों से दूर रखा है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 इंसानी कामों में तेरे लबों के कलाम की मदद से मैं ज़ालिमों की राहों से बाज़ रहा हूँ। Viz kapitola |