ज़बूर 147:1 - किताब-ए मुक़द्दस1 रब की हम्द हो! अपने ख़ुदा की मद्हसराई करना कितना भला है, उस की तमजीद करना कितना प्यारा और ख़ूबसूरत है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 ख़ुदावन्द की हम्द करो! क्यूँकि ख़ुदा की मदहसराई करना भला है; इसलिए कि यह दिलपसंद और सिताइश ज़ेबा है। Viz kapitola |