ज़बूर 145:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 रब अज़ीम और बड़ी तारीफ़ के लायक़ है। उस की अज़मत इनसान की समझ से बाहर है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 ख़ुदावन्द बुजु़र्ग और बेहद सिताइश के लायक़ है; उसकी बुजु़र्गी बयान से बाहर है। Viz kapitola |