ज़बूर 139:11 - किताब-ए मुक़द्दस11 अगर मैं कहूँ, “तारीकी मुझे छुपा दे, और मेरे इर्दगिर्द की रौशनी रात में बदल जाए,” तो भी कोई फ़रक़ नहीं पड़ेगा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 अगर मैं कहूँ कि यक़ीनन तारीकी मुझे छिपा लेगी, और मेरी चारों तरफ़ का उजाला रात बन जाएगा। Viz kapitola |