ज़बूर 10:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 उसका मुँह लानतों, फ़रेब और ज़ुल्म से भरा रहता, उस की ज़बान नुक़सान और आफ़त पहुँचाने के लिए तैयार रहती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 उसका मुँह ला'नत — ओ — दग़ा और ज़ुल्म से भरा है; शरारत और बदी उसकी ज़बान पर हैं। Viz kapitola |