अम्सा 5:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 उसके रास्ते कभी इधर कभी इधर फिरते हैं ताकि तू ज़िंदगी की राह पर तवज्जुह न दे और उस की आवारगी को जान न ले। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 इसलिए उसे ज़िन्दगी का हमवार रास्ता नहीं मिलता; उसकी राहें बेठिकाना हैं, पर वह बेख़बर है। Viz kapitola |