अम्सा 5:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 कहेगा, “हाय, मैंने क्यों तरबियत से नफ़रत की, मेरे दिल ने क्यों सरज़निश को हक़ीर जाना? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 और कहे, “मैंने तरबियत से कैसी 'अदावत रख्खी, और मेरे दिल ने मलामत को हक़ीर जाना। Viz kapitola |