अम्सा 31:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 अपना मुँह खोलकर इनसाफ़ से अदालत कर और मुसीबतज़दा और ग़रीबों के हुक़ूक़ महफ़ूज़ रख। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 अपना मुँह खोल, रास्ती से फ़ैसलाकर, और ग़रीबों और मुहताजों का इन्साफ़ कर। Viz kapitola |