अम्सा 31:18 - किताब-ए मुक़द्दस18 वह महसूस करती है, “मेरा कारोबार फ़ायदामंद है,” इसलिए उसका चराग़ रात के वक़्त भी नहीं बुझता। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 वह अपनी सौदागरी को सूदमंद पाती है। रात को उसका चिराग़ नहीं बुझता। Viz kapitola |