अम्सा 30:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 पहले, दरोग़गोई और झूट मुझसे दूर रख। दूसरे, न ग़ुरबत न दौलत मुझे दे बल्कि उतनी ही रोटी जितनी मेरा हक़ है, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 बतालत और दरोग़गोई को मुझ से दूर कर दे; और मुझ को न कंगाल कर न दौलतमंद, मेरी ज़रूरत के मुताबिक़ मुझे रोज़ी दे। Viz kapitola |