अम्सा 30:20 - किताब-ए मुक़द्दस20 ज़िनाकार औरत की यह राह है, वह खा लेती और फिर अपना मुँह पोंछकर कहती है, “मुझसे कोई ग़लती नहीं हुई।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201920 ज़ानिया की राह ऐसी ही है; वह खाती है और अपना मुँह पोंछती है, और कहती है, मैंने कुछ बुराई नहीं की। Viz kapitola |