अम्सा 30:14 - किताब-ए मुक़द्दस14 ऐसी नसल भी है जिसके दाँत तलवारें और जबड़े छुरियाँ हैं ताकि दुनिया के मुसीबतज़दों को खा जाएँ, मुआशरे के ज़रूरतमंदों को हड़प कर लें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201914 एक नसल ऐसी है, जिसके दाँत तलवारें है, और डाढ़े छुरियाँ ताकि ज़मीन के ग़रीबों और बनी आदम के कंगालों को खा जाएँ। Viz kapitola |