अम्सा 28:24 - किताब-ए मुक़द्दस24 जो अपने बाप या माँ को लूटकर कहे, “यह जुर्म नहीं है” वह मोहलक क़ातिल का शरीके-कार होता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201924 जो कोई अपने वालिदैन को लूटता हैऔर कहता है, कि यह गुनाह नहीं, वह गारतगर का साथी है। Viz kapitola |