अम्सा 26:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 अहमक़ के मुँह में हिकमत की बात मफ़लूज की बेहरकत लटकती टाँगों की तरह बेकार है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 जिस तरह लंगड़े की टाँग लड़खड़ाती है, उसी तरह बेवक़ूफ़ के मुँह में तमसील है। Viz kapitola |