अम्सा 17:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 अहमक़ के लिए बड़ी बड़ी बातें करना मौज़ूँ नहीं, लेकिन शरीफ़ होंटों पर फ़रेब कहीं ज़्यादा ग़ैरमुनासिब है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 ख़ुश गोई बेवक़ूफ़ को नहीं सजती, तो किस क़दर कमदरोग़गोई शरीफ़ को सजेगी। Viz kapitola |