अम्सा 14:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 ज़हीन की हिकमत इसमें है कि वह सोच-समझकर अपनी राह पर चले, लेकिन अहमक़ की हमाक़त सरासर धोका ही है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 होशियार की हिकमत यह है कि अपनी राह पहचाने, लेकिन बेवक़ूफ़ की बेवक़ूफ़ी धोखा है। Viz kapitola |