अम्सा 14:32 - किताब-ए मुक़द्दस32 बेदीन की बुराई उसे ख़ाक में मिला देती है, लेकिन रास्तबाज़ मरते वक़्त भी अल्लाह में पनाह लेता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201932 शरीर अपनी शरारत में पस्त किया जाता है, लेकिन सादिक़ मरने पर भी उम्मीदवार है। Viz kapitola |