अम्सा 14:15 - किताब-ए मुक़द्दस15 सादालौह हर एक की बात मान लेता है जबकि ज़हीन आदमी अपना हर क़दम सोच-समझकर उठाता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 नादान हर बात का यक़ीन कर लेता है, लेकिन होशियार आदमी अपने चाल चलन को देखता भालता है। Viz kapitola |