अम्सा 14:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 हर दिल की अपनी ही तलख़ी होती है जिससे सिर्फ़ वही वाक़िफ़ है, और उस की ख़ुशी में भी कोई और शरीक नहीं हो सकता। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 अपनी तल्ख़ी को दिल ही खू़ब जानता है, और बेगाना उसकी खु़शी में दख़्ल नहीं रखता। Viz kapitola |