अम्सा 13:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 कभी अमीर को अपनी जान छुड़ाने के लिए ऐसा तावान देना पड़ता है कि तमाम दौलत जाती रहती है, लेकिन ग़रीब की जान इस क़िस्म की धमकी से बची रहती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 आदमी की जान का कफ़्फ़ारा उसका माल है, लेकिन कंगाल धमकी को नहीं सुनता। Viz kapitola |